गोगामेड़ी हत्याकांड: मर्डर के लिए मिले थे कितने रुपये, हत्या के बाद क्या था प्लान? शूटर ने किया सारा खुलासाgogamedi-case-update-shooter


 राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के दोनों आरोपियों नितिन फौजी और रोहित के साथ उनके तीसरे साथी उधम को भी अरेस्ट कर लिया गया है. अब इस मामले में लगातार खुलासा हो रहा है. गोगामेड़ी की हत्या (Sukhdev Singh Gogamedi Murder) के मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है.


प्राप्त जानकारी के अनुसार पूछताछ में शूटर नितिन और रोहित ने बताया है कि उन्हें गोगामेड़ी की हत्या के पहले 50-50 हजार रुपए मिले थे. पकड़े जाने से पहले उनका प्लान चंडीगढ़ से गोवा भाग जाने का था. उन्होंने चंडीगढ़ में भी फर्जी आईडी कार्ड के सहारे होटल में कमरा लिया था.


जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ के बाद दोनों गोवा जाने वाले थे फिर वहां से दक्षिण भारत में समय काटना था. दरअसल इनको कहा गया था कि करीब 20 दिन उन्हें यहां निकालना है. इस दौरान उनके पासपोर्ट और वीजा का इंतजाम किया जाना था. रोहित एक रेप केस में जेल जा चुका था, वहीं उले लगता था कि सुखदेव गोगामेड़ी ने ही उसे जेल करवाई थी. हत्यारों ने चंडीगढ़ में जयवीर, देवेंद्र और सुखवीर के नाम से होटल में कमरा बुक किया था.


फौजी नवंबर में सेना से छुट्टी पर आया था. उस पर किडनैपिंग का एक मामला दर्ज हो गया था तो उसे लगा कि अब उसकी नौकरी नहीं चलने वाली है. लिहाजा वो भी इस अपराध में शामिल हो गया. उधम सिंह, नितिन फौजी के साथ ट्रेनिंग के दौरान रहा है, लेकिन 4 साल से संपर्क में नहीं था. हत्या करने के बाद इन्होंने छुपने के लिए उधम सिंह का इस्तेमाल किया.


तीनों ने होटल कर्मियों को बताया था कि वह मनाली से आ रहे हैं और फिर हरियाणा जाएंगे. शनिवार शाम 7:40  बजे वो होटल पहुंचे और ठीक 1 घंटे बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस ने एक साझा ऑपरेशन के दौरान तीनों को होटल से दबोच लिया. चंडीगढ़ के जिस होटल में ये शूटर्स छुपे हुए थे पुलिस ने उस होटल के मैनेजर रवि डोगरा को भी हिरासत में लिया है. इतना ही नहीं होटल के सीसीटीवी डीवीआर और बुकिंग रजिस्टर को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है.


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