Paytm Crisis: पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ हुआ फैसला नहीं बदला जाएगा, गवर्नर शक्तिकांत दास का कड़ा रुख कायम

 


रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) के खिलाफ की गई कार्रवाई का रिव्यु नहीं किया जाएगा. आरबीआई गवर्नर (RBI Governor) ने कहा कि हम हमेशा से फिनटेक सेक्टर (Fintech Sector) को लेकर सहयोग करने का रुख अपनाते आए हैं. आरबीआई फिनटेक को प्रमोट करता रहेगा. मगर, नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.


केंद्रीय बैंक इस संबंध में जारी करेगा एफएक्यू

शक्तिकांत दास ने कहा कि पेटीएम पेमेंट बैंक के खिलाफ लिए गए फैसले का रिव्यु करने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि मैं साफ कर देना चाहता हूं कि कस्टमर्स के हित में यह फैसला लिया गया है. कुछ ही दिनों में केंद्रीय बैंक इस संबंध में एफएक्यू (Frequently Asked Questions) जारी कर देगा. उसके लिए आप सभी को इंतजार करना होगा. हमने महीनों तक इस बारे में चर्चा करने के बाद फैसला लिया है. कभी-कभी ऐसे फैसले लेने से पहले आरबीआई सालों तक वार्ता करता है.


कस्टमर्स के हित आरबीआई की प्राथमिकता 

आरबीआई गवर्नर दास ने कहा कि फिनटेक को लेकर हमारा रवैया स्पष्ट है. हम चाहते हैं कि देश में इनकी संख्या बढ़े. साथ ही सेक्टर की भी तरक्की हो. आरबीआई की तरफ से फिनटेक को हमेशा सपोर्ट मिलता रहेगा. मगर, कस्टमर्स के हित और इन कंपनियों की वित्तीय स्थिरता हमारी प्राथमिकता रहेगी. आरबीआई ने 31 जनवरी को पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर डिपॉजिट लेने और टॉप अप करने की रोक लगा दी थी. यह फैसला 29 फरवरी से लागू होगा. इस कड़े फैसले के चलते बैंक को 29 फरवरी के बाद अपना कामकाज लगभग बंद करना होगा.


डायरेक्टर मंजू अग्रवाल का बोर्ड से इस्तीफा

वन 97 कम्युनिकेशंस ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि मंजू अग्रवाल ने एक फरवरी को इस्तीफा दिया था. इसे पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बोर्ड ने 6 फरवरी को मंजूर कर लिया है. कंपनी ने कहा कि इस फैसले से उनके बिजनेस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. मंजू अग्रवाल का इस्तीफा ऐसे समय में आया जब पेटीएम पेमेंट्स आरबीआई के प्रतिबंध का सामना कर रहा है. 

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