Land For Jobs Scam: वो 7 केस कौन से हैं, जिसमें फंसा लालू यादव का पूरा परिवार, जानें

 


राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई लोग कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले की जांच का सामना कर रहे हैं. मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार (29 जनवरी) को लालू यादव से करीब नौ घंटे पूछताछ की और मंगलवार को पूछताछ के लिए उनके बेटे और बिहार के पूर्व उपमु्ख्यमंत्री तेजस्वी यादव को जांच एजेंसी ने बुलाया. लालू यादव की दो बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव को दिल्ली की एक अदालत ने 9 फरवरी को पेश होने के लिए समन भेजा है. 

आरोप है कि लालू यादव 2004 से 2009 के दौरान यूपीए-1 की सरकार में रेल मंत्री थे उस समय कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाले को अंजाम दिया गया था. रेलवे में डी ग्रुप की भर्तियों अभ्यर्थियों से नौकरी के बाद रिश्वत में जमीनें ली गईं.

क्या है जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामला?

प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट के मुताबिक, लालू यादव के परिवार को सात जगहों पर जमीनें मिलीं. परिवार पर करीब 600 करोड़ रुपये के धन शोधन का आरोप है. आरोप है कि करीब 4 करोड़ रुपये कीमत की जमीन 26 लाख रुपये में परिजनों  के नाम करवा ली गईं. इस मामले में लालू यादव समेत परिवार के पांच लोग आरोपी हैं, जिनमें उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटा तेजस्वी यादव, बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव शामिल हैं.

कथित घोटाले से जुड़े इन सात मामलों में फंसा लालू परिवार

1. पटना के संजय राय ने 3.75 लाख रुपये में राबड़ी देवी को अपना 3375 वर्ग फुट का प्लॉट बेंच दिया. संजय राय के परिवार के दो लोगों को नौकरी मिली थी.

2. 2014 में राबड़ी देवी एक कंपनी एके इन्फोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर बनी थीं. आरोप है कि पटना के रहने वाले हजारी राय ने अपनी एक बड़ी जमीन इस कंपनी को बेची थी और उनके दो भतीजों को रेलवे में नौकरी मिली थी.

3. पटना के ही लाल बाबू राय ने अपनी 1,360 वर्ग फुट की जमीन 13 लाख रुपये में राबड़ी देवी को बेच दी थी. राय के बेटे लाल चंद कुमार को रेलवे में सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर् हो गए. 

4. सिवान के रहने वाले ललन चौधरी को विशुन देव राय नाम के शख्स ने जमीन बेची थी. ललन का पोता रेलवे में सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती हुआ था. 2014 में वो जमीन लालू यादव की बेटी हेमा यादव को दे दी गई.

5. पटना के रहने वाले किशुन देव राव ने पौने चार लाख रुपये में अपनी 3375 वर्ग फुट की जमीन राबड़ी देवी को दे दी थी. किशुन देव राव के परिवार के तीन लोगों को रेलवे में ग्रुप डी में भर्ती किया गया था.

6. पटना की ही रहने वाली किरण देवी ने 3.70 लाख रुपये में अपनी 80,905 वर्ग फुट की जमीन लालू यादव की बेटी मीसा भारती के नाम पर कर दी. किरण देवी के बेटे को मुंबई में सब्स्टीट्यूट के तौर भर्ती किया गया था. 

7. ब्रज नंदन राय नाम के शख्स ने 4.21 लाख रुपये में अपनी 3,375 वर्ग फुट की जमीन गोपालगंज के हृदयानंद चौधरी को बेची. चौधरी को हाजीपुर में सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती कर लिया गया. बाद में हृदयानंद ने वो जमीन लालू यादव की बेटी हेमा यादव को तोहफे में दे दी.

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