घर बैठे दर्ज करवा सकते हैं FIR, ये है पूरी प्रक्रिया

 


चोरी, लूट, डकैती, हत्या, छेड़छाड़, मारपीट और भी न जाने क्या-क्या। ऐसे अपराधों की सूची लंबी है जिनका निराकरण पुलिस और अदालत से होता है। इन सभी मामलों में प्रथम सूचना प्रतिवेदन या फिर एफआईआर दर्ज करवाई जाती है।


लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि आप पुलिस थाने जाने की स्थिति में नहीं हैं या पुलिसकर्मी आपकी रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रहे हैं। ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे अपने मोबाइल या अपने कम्प्यूटर से भी ऑनलाइन एफआईआर (FIR) दर्ज करवा सकते हैं।



ऑनलाइन FIR कैसे दर्ज कराएं?

ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने के लिए आप जिस राज्य से हैं, उस राज्य की ऑफिशियल पुलिस वेबसाइट पर जाएं।

वेबसाइट रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसमें आपको कुछ निजी जानकारियां जैसे: नाम, लिंग, मोबाइल नंबर और पता आदि देना होता है।

मोबाइल नंबर को ओटीपी के जरिए वेरिफाई करना होगा। इसके बाद आप लॉगिन कर सकते हैं।

फिर वेबसाइट पर E-FIR का ऑप्शन पर क्लिक करें। एक फॉर्म खुलेगा।

फॉर्म आपको अपनी पर्सनल डिटेल, घटना की लोकेशन, समय, तारीख और क्या घटना हुई, इसके बारे में विस्तार से जानकारी देनी होगी।

फॉर्म सबमिट करने के बाद वेरिफिकेशन होगा, इस तरह आपकी ऑनलाइन एफआईआर दर्ज हो जाएगी।

इसके बाद पुलिस आपके घर आकर या फोन के जरिए वेरिफिकेशन करेगी, जिसके बाद आपको FIR कॉपी मिल जाएगी।

किन मामलों में की जा सकती है ऑनलाइन FIR?

सीआरपीसी (Code of Criminal Procedure, CRPC) के मुताबिक, खोया-पाया, चोरी, वाहन चोरी, धमकी, किसी अपने के गुमशुदा होने समेत अन्‍य गैर संज्ञीय मामलों (Non- cognizable cases) की एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं, जबकि मर्डर, डकैती और दुष्‍कर्म व सामूहिक दुष्‍कर्म जैसे संज्ञेय अपराध (cognizable cases) के लिए आपको थाने ही जाना ही होगा।


कुछ राज्यों में संज्ञेय अपराध में ऑनलाइन एफआईआर करने की सुविधा दी है, लेकिन तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर एफआईआर कॉपी पर साइन करने होंगे।


किस वेबसाइट पर कर सकते हैं?

हर राज्य की अपनी-अपनी ऑफिशियल पुलिस वेबसाइट है-


दिल्‍ली - delhipolice.gov.in

उत्‍तर प्रदेश- uppolice.gov.in

मध्‍यप्रदेश- citizen.mppolice.gov.in

हरियाणा - haryanapoliceonline.gov.in

राजस्‍थान– police.rajasthan.gov.in

गुजरात - gujhome.gujarat.gov.in

ओडिशा - odishapolice.gov.in

उत्‍तराखंड - uttarakhandpolice.uk.gov.in

घटना के कितने दिन बाद शिकायत दर्ज कर सकते हैं?

घटना होने के बाद आप कभी भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, इसके लिए कोई तय समय सीमा नहीं है, लेकिन जितनी जल्‍दी शिकायत दर्ज कराई जाएगी, उतना अच्छा रहेगा। सीआरपीसी 468 के मुताबिक, जिस अपराध की सजा एक साल है तो शिकायत एक साल के अंदर दर्ज हो जानी चाहिए। इससे देर होने पर आपको देरी का कारण लिखित में बताना होगा।


इन सेवाओं का भी ले सकते हैं ऑनलाइन लाभ


ऑनलाइन एफआईआर के अलावा, आप पुलिस विभाग से जुड़ी अन्य सेवाएं जैसे- किरायेदार पंजीकरण, चरित्र प्रमाण पत्र, घरेलू सहायता, किसी कार्यक्रम अथवा प्रदर्शन के लिए आवेदन, किरायेदार का सत्यापन और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आदि सेवाओं के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।

Previous Post Next Post