विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर आया नीतीश का बयान, I.N.D.I.A. गठबंधन पर भी बोले


पटना
: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर बड़ा बयान दिया है। नीतीश ने कहा कि पिछली बार कांग्रेस मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जीती थी, और इस बार भी उसे अच्छे वोट मिले लेकिन BJP की जीत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस जीती है इसलिए इन सब चीजों पर कोई खास चर्चा की बात नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम तो यही चाहते हैं कि बहुत तेजी से विपक्ष एकजुट हो। खबर में चल रहा था कि हम 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में नहीं जा रहे हैं जबकि ऐसी कोई बात नहीं थी। मेरी तबीयत खराब थी। मुझे सर्दी-खांसी, बुखार लगा हुआ था।’

‘एक साल से विपक्षी एकजुटता में लगे हैं’

I.N.D.I.A. गठबंधन पर बोलते हुए नीतीश ने कहा, ‘अगली मीटिंग होगी तो हम फिर कहेंगे कि अब देर नहीं कीजिए। आपस में बैठकर सबकुछ जल्दी से तय कर लीजिए। हम एक साल से विपक्षी एकजुटता में लगे हुए हैं। राज्यों के चुनाव में सभी पार्टियां अपनी-अपनी जीत के लिए लग जाती हैं। वह अलग चीज है लेकिन हम चाहते हैं कि आगे से सब एकजुट होकर चुनाव लड़ें।’ वहीं एक अन्य सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पद को लेकर मेरे बारे में अक्सर खबरें आती हैं कि लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मुझे कुछ नहीं चाहिए। 

मुझे व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं चाहिए’

नीतीश ने कहा, ‘हम केवल चाहते हैं कि विपक्ष एकजुट हो और अभी जो पार्टी केंद्र की सत्ता में है उसके खिलाफ चुनाव लड़ें। वे लोग देश के इतिहास को बदलने में लगे हुए हैं। नई पीढ़ी को आजादी की लड़ाई को याद रखना चाहिए। मुझे व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं चाहिए। हम पहले से ही लोगों की सेवा करते आ रहे हैं। हमने आंदोलन भी किए हैं। हम राज्य के हित में अपने काम में लगे रहते हैं। हमलोग तेजी से युवाओं को रोजगार देने में लगे हुए हैं। देशहित में सभी विपक्षी पार्टियां एकजुट हों।’

‘पूरे देश में जातिवार जनगणना होती तो…’

जातिवार जनगणना पर बोलते हुए नीतीश ने कहा, ‘हम लोगों ने जाति आधारित गणना कराई। सिर्फ जातिगत गणना नहीं कराई बल्कि हर परिवार की आर्थिक स्थिति का भी पता लगाया। हिंदू, मुस्लिम, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग, अपर कास्ट किसी भी जाति वर्ग का हो, सबका पता लगवाया। हर जाति में गरीबी है। अपर कास्ट में भी कितनी गरीबी है, इसका पता चला। पूरे देश में जातिगत जनगणना होती तो सबको काफी फायदा होता।’

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