I.N.D.I.A. गठबंधन ने यूपी में खोज ली Mayawati की काट! इस चेहरे पर दांव

 


लोकसभा चुनाव 2024 के लिए I.N.D.I.A. अलायंस ने रणनीतिक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को अलायंस की चौथी बैठक हुई जिसमें समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव, राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी भी शामिल हुए.

अलायंस की इस बैठक के बाद अखिलेश यादव समेत कई नेताओं से यह सवाल पूछे गए कि क्या बहुजन समाज पार्टी भी I.N.D.I.A. का हिस्सा होंगी? अखिलेश ने पत्रकारों से इस सवाल के जवाब में कहा कि हमें जो कहना था वह कह दिया. आगे इस पर विचार होगा. सभी की सहमति से फैसला होगा.

हालांकि इंडिया अलायंस की बैठक के कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया साइट एक्स पर दो ऐसी तस्वीरें आईं जिन्होंने यह संकेत दिया है कि यूपी में गठबंधन ने मायावती की काट खोज ली है. दरअसल, आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने बैठक के कुछ घंटों बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी के मुखिया शरद पवार और उनकी बेटी सांसद सुप्रिया सुले से मुलाकात की तस्वीर पोस्ट की.

चंद्रेशखर ने लिखी ये बात

उन्होंने इन दो तस्वीरों के साथ लिखा- आज लोकप्रिय राजनेता श्रद्धेय शरद पवार और सुप्रिया सुले से दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात हुई! मुलाकात में देश की राजनीति पर गंभीर चर्चा हुई और पवार साहब से मार्गदर्शन प्राप्त किया. साथ रहें एनसीपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष योगानंद शास्त्री , किसान नेता पुष्पेंद्र चौधरी व वीरेंद्र कुमार शिरिष.

ये तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मायावती की जगह यूपी में इंडिया अलायंस चंद्रशेखर को दलित चेहरे के तौर पर यूपी में पेश कर सकता है. हालांकि चंद्रेशखर की दावेदारी से राष्ट्रीय लोकदल को नुकसान हो सकता है. अगर चंद्रेशखर यूपी में इंडिया अलायंस के साथ आते हैं तो वह कम से कम 2 सीटों की दावेदारी कर सकते हैं.

चंद्रशेखर के बारे में माना जा रहा है कि वह पश्चिमी यूपी में गठबंधन से 2 सीटें मांग सकते हैं. रालोद भी इसी क्षेत्र पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं. ऐसे में चंद्रशेखर की एंट्री से गठबंधन में जयंत का गेम बिगड़ सकता है.

2022 में भी बनते-बनते रह गई थी बात

दीगर है कि साल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी चंद्रशेखर और सपा के बीच गठबंधन की चर्चाएं थीं. अखिलेश यादव और चंद्रशेखर के बीच मुलाकात भी हुई थी लेकिन सीटों पर बात न बन पाने के कारण स्थिति जस की तस रही.

उधर, शरद पवार की बात करें तो इसी साल अगस्त में जब उनसे बसपा चीफ मायावती के इंडिया अलायंस में आने से जुड़ा सवाल किया गया था तो उन्होंने कहा था- 'यह पता नहीं है कि वह किसके पक्ष में हैं. इससे पहले वह भाजपा के साथ बातचीत कर चुकी हैं.'

इन सबके बीच बसपा और उसकी मुखिया मायवती अभी तक यही बात कहती आ रही हैं, कि वह इंडिया और एनडीए, दोनों गठबंधनों का हिस्सा नहीं होंगी. वह यूपी में अकेले दम पर चुनाव लड़ेंगी.


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