चीन के सबसे बड़े जापानी बैंक MUFG का हुआ उससे मोहभंग, भारत में बड़े पैमाने पर है निवेश की योजना

 


जापान के सबसे बड़े बैंक मित्शुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप (Mitsubishi UFJ Financial Group) जो कि एमयूएफजी (MUFG) के नाम से भी जाना जाता है बड़े पैमाने पर भारत में विस्तार योजना को अंजाम देने की तैयारी में है.  एमयूएफजी ने हाल के दिनों में भारत में निवेश किया है लेकिन चीन में इकोनॉमिक स्लोडाउन के बाद उसका ड्रैगन से मोहभंग होने के बाद जापानी बैंक एमयूएफजी भारत में आर्थिक विकास की तेज गति का भरपूर लाभ उठाना चाहता है. 

भारत में आर्थिक विकास चुनौती नहीं

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक एमयूएफजी के सीईओ हीरोनोरी कामेजावा (Hironori Kamezawa) ने कहा, 'भारत में आर्थिक विकास कोई बड़ी चुनौती नहीं है. भारत निश्चित तौर पर तेज गति से विकास करेगा.' जापान के इस बैंक ने हालिया दिनों में भारत में अपने ऑपरेशंस को तेज किया है. बीते साल अगस्त 2022 में देश के फाइनेंशियल हब गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी में अपना ब्रांच खोला है. बैंक ने देश के स्टार्टअप्स को फंडिंग करने के लिए एक फंड तैयार किया है. इसी साल एमयूएफजी ने भारतीय फिनटेक कंपनी डीएमआई फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड में हिस्सेदारी भी खरीदा है.  

चीन पर नहीं, भारत पर है निवेशकों को भरोसा 

एमयूएफजी के सीईओ ने कहा, बैंक का बैक ऑफिस ऑपरेशन सेंटर भारत बन चुका है लेकिन एमयूएफजी यहां और भी कुछ करना चाहता है. चीन के मुकाबले भारत पर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है ऐसे हालात में वहां के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए बैंक अपने ऑपरेशन को विस्तार करने को लेकर बेहद सजग रहने वाला है. हीरोनोरी कामेजावा ने कहा, जो निवेशक चीन में अब निवेश नहीं करना चाहते हैं उस निवेश को भारत अपनी ओर आकर्षित कर सकता है. 

MUFG चीन का सबसे बड़ा विदेशी बैंक 

आपको बता दें एमयूएफजी  1958 से ही चीन में मौजूद है और वहां एमयूएफजी बैंक चाइना लिमिटेड के नाम से ऑपरेट करता है. चीन में एमयूएफजी सबसे बड़े विदेशी बैंकों में शुमार है और 14 शहरों में उसी शाखाएं हैं जिसमें 2300 से ज्यादा लोग काम करते हैं. लेकिन एमयूएफजी अब भारत पर अपना फोकस बढ़ाने वाला है. मौजूदा वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का आर्थिक विकास दर 7 फीसदी रहने का अनुमान है. ऐसे में निवेशकों के लिए भारत दुनिया का सबसे चमकता हुए सितारा बनकर उभरा है. दुनियाभर की दिग्गज कंपनियां, लेंडर्स और प्राइवेट इक्विटी दिग्गज भारत के कैपिटल मार्केट में निवेश करने को आतुर हैं.  


Previous Post Next Post